
थानाध्यक्ष अपराधियों के लिए ख़ौफ़ का नाम, जनता के लिए दुलारा अफ़सर!
उनकी सादगी, इंसानियत और जनता से अपनापन लोगों के दिलों में जगह बना रहा है।
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला थाने के थानाध्यक्ष सतीश कुमार इन दिनों पूरे कस्बे की जुबान पर हैं। जहाँ अपराधियों की रातों की नींद हराम करने वाले इस अधिकारी से बदमाश थर-थर कांपते हैं, वहीं उनकी सादगी, इंसानियत और जनता से अपनापन लोगों के दिलों में जगह बना रहा है।
बुधवार को उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा गया। वीडियो में सतीश कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ कस्बे में चेकिंग करते नजर आए। तभी एक युवक बिना हेलमेट बाइक पर गुजर रहा था थानाध्यक्ष ने उसे रोका और बड़े सलीके से बोले “आज चालान नहीं करेंगे, लेकिन अगली बार बिना हेलमेट मत निकलना। हेलमेट तुम्हारा बचाव है, बोझ नहीं!”
थानाध्यक्ष का यह अंदाज़ लोगों को इतना भा गया कि कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया।
कस्बे के कोने-कोने में चर्चा छिड़ गई “सतीश कुमार सख्त भी हैं, लेकिन दिल के साफ हैं। अपराधियों के लिए सज़ा, और जनता के लिए दुआ!”
थानाध्यक्ष की कार्यशैली ऐसी है जिसमें कानून की सख्ती और इंसानियत की नरमी दोनों झलकती हैं। वे जहाँ अपराध पर लोहे की मुट्ठी से वार करते हैं, वहीं आम नागरिकों से हमेशा मुस्कराकर पेश आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है
“कांधला को ऐसा थानाध्यक्ष सालों बाद मिला है। अब जनता को भरोसा है कि कानून सिर्फ डराने नहीं, बचाने के लिए है।”
थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा
“हेलमेट लगाना आपकी ज़िम्मेदारी है, हमारी नहीं। पुलिस चालान काट सकती है, लेकिन ज़िंदगी नहीं लौटा सकती।”
जनता का संदेश “सतीश कुमार जैसे अफ़सर अगर हर थाने में हों, तो अपराध मिटे और भरोसा बढ़े!”