लोनी विधायक के समर्थन में गुर्जर देवसेना ने किया धरना-प्रदर्शन का ऐलान, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
कैराना में SDM को सौंपा ज्ञापन: कलश यात्रा में विधायक और महिला के साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ गुर्जर समाज आक्रोशित
13 अप्रैल को PM आवास पर विरोध की चेतावनी, गुर्जर देवसेना ने मांगी दोषी अधिकारियों की बर्खास्तगी
कैराना। अखिल भारतीय गुर्जर देवसेना ने लोनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कैराना के तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही, गाजियाबाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर विधायक के साथ अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
कलश यात्रा को लेकर विवाद
गुर्जर देवसेना के प्रदेश सचिव प्रताप चौधरी के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित एक कलश यात्रा के दौरान विधायक नंदकिशोर गुर्जर और एक महिला सहयोगी के साथ प्रशासन ने अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से न केवल गुर्जर समाज बल्कि स्थानीय जनता भी आहत है। चौधरी ने कहा कि पुलिस ने विधायक का अपमान करने के साथ-साथ कलश यात्रा और रामचरित मानस जैसी धार्मिक पुस्तक की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। यह हिंदू आस्थाओं पर प्रहार है।
13 अप्रैल को पीएम आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी
ज्ञापन में गाजियाबाद के दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 13 अप्रैल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गुर्जर समाज सहित अन्य सामाजिक संगठन प्रधानमंत्री आवास के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने विधायक के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग रखी।
संगठन के साथ जुड़े गणमान्य लोग
इस मौके पर संगठन के प्रदेश सचिव प्रताप चौधरी के अलावा हरपाल सिंह भूरा, अधिवक्ता अनिल बैंसला, प्रवीण कुमार, ज्योति चौहान, अनुज चौहान और अजीत चौहान सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने साफ किया कि यह मामला सिर्फ एक विधायक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास हुआ है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एसडीएम कैराना ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।