
डिवाइडर पर चार दिन से पड़ा था बीमार व्यक्ति, हासिम मलिक ने दिखाई दरियादिली, जिला अस्पताल रेफर
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला, कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड पर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक अज्ञात बीमार व्यक्ति पिछले चार दिनों से डिवाइडर पर पड़ा हुआ था। हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है और चंद कदम की दूरी पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी रहती है। इसके बावजूद बीमार व्यक्ति चार दिन तक डिवाइडर पर पड़ा रहा। आखिरकार बस स्टैंड पर रहड़ी लगाने वाले हासिम मलिक ने उसकी सुध ली और 108 एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद की।जानकारी के अनुसार, दिल्ली बस स्टैंड स्थित डिवाइडर पर एक अज्ञात व्यक्ति पिछले चार दिनों से बीमार हालत में पड़ा था। वह किस हालात में वहां पहुंचा और उसके परिवार के लोग कहां हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत बिगड़ने पर रहड़ी लगाने वाले हासिम मलिक ने मामले को गंभीरता से लिया और 108 एंबुलेंस को सूचना दी।सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और व्यक्ति को कांधला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हासिम मलिक की पहल से बीमार व्यक्ति को उपचार मिल सका।इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर एक व्यक्ति चार दिनों तक डिवाइडर पर पड़ा रहा। चंद कदम की दूरी पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी रहती है, ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतने दिनों तक उस व्यक्ति की हालत पर ध्यान क्यों नहीं गया? हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में किसी लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।उधर, कांधला थाना प्रभारी बच्चू सिंह ने बताया कि व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसकी फोटो जनपद के सभी थानों में भेजी गई है। पुलिस उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है।इस पूरे मामले में रहड़ी लगाने वाले हासिम मलिक की पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आकर इंसानियत का परिचय दिया। घटना यह संदेश भी देती है कि किसी असहाय या बीमार व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर देखकर अनदेखा करने के बजाय उसकी मदद के लिए आगे आना जरूरी है।
