
मां का सपना, बेटे की मेहनत और सफलता की उड़ान! राघव चौहान का NDA टेक्निकल में चयन
* बचपन से आंखों में था देश सेवा का सपना, सैनिक स्कूल में पढ़ाई कर हासिल की शानदार कामयाबी; बेटे की सफलता पर खुशी से झूम उठा परिवार, गांव में बधाई देने वालों का लगा तांता
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला, मेहनत, लगन और मजबूत इरादे हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इस कहावत को जनपद शामली के गांव जसाला निवासी राघव चौहान ने सच कर दिखाया है। बचपन से ही देश की सेवा करने का सपना संजोने वाले राघव ने एनडीए टेक्निकल में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि गांव जसाला और पूरे जनपद शामली का नाम रोशन किया है। राघव ने चयन में 34वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत का शानदार परिचय दिया है। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया, वहीं गांव और क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह की लहर दौड़ गई।राघव चौहान गांव जसाला निवासी सुधीर चौहान के पुत्र हैं। उन्हें बचपन से ही सेना और देश सेवा के प्रति गहरा लगाव था। उनके मन में देश की रक्षा करने और सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का सपना था। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और एनडीए टेक्निकल में चयन के साथ उन्होंने अपनी कामयाबी का परचम लहरा दिया।राघव की प्रारंभिक शिक्षा शामली स्थित एक स्कूल में हुई। कक्षा दसवीं पास करने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता से सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने की इच्छा जाहिर की। बेटे के सपने और उसके जज्बे को देखते हुए परिजनों ने भी उसका पूरा साथ दिया। इसके बाद राघव आगे की पढ़ाई के लिए बेंगलुरु स्थित सैनिक स्कूल चले गए। वहां उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ एनडीए की तैयारी पर भी पूरा ध्यान दिया। लगातार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का ही परिणाम रहा कि राघव ने एनडीए टेक्निकल में 34वीं रैंक हासिल कर अपने सपने की ओर बड़ी कामयाबी हासिल की।
राघव की मां वंदना कसाना ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही देश सेवा की बातें किया करता था। छोटी उम्र में ही वह सैनिक बनने और देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा जाहिर करता था। परिवार को भी विश्वास था कि एक दिन राघव अपने सपने को जरूर पूरा करेगा। बेटे के एनडीए टेक्निकल में चयनित होने और 34वीं रैंक हासिल करने से मां की खुशी का ठिकाना नहीं है। परिवार के लिए यह उपलब्धि गर्व और भावुकता से भरा पल बन गई है।राघव के पिता सुधीर चौहान किसान हैं और देहरादून में रहकर अपना निजी कार्य भी करते हैं। उन्होंने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर की। वहीं राघव के दादा भीम सिंह और दादी भी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। परिवार में हर तरफ उत्सव जैसा माहौल है। राघव की सफलता को लेकर रिश्तेदारों, परिचितों और ग्रामीणों की ओर से लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।राघव चौहान की इस कामयाबी ने गांव जसाला सहित पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि राघव ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए सच्ची मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी। एनडीए टेक्निकल में 34वीं रैंक हासिल करने वाले राघव चौहान ने अपने परिवार और गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अब परिजनों और क्षेत्रवासियों को उनके उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा के अगले पड़ाव का इंतजार है।