हादसे में दो परिवारों के सहारे छिने, एक साथ सुपुर्द-ए-खाक हुए साजिद व इदरीश

 

* रोडवेज बस की टक्कर में साजिद और इदरीश की हुई थी दर्दनाक मौत, पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचते ही मचा कोहराम

*

सादिक सिद्दीक़ी

 

कांधला। बुधवार को सड़क हादसे में दो परिवारों के चिराग बुझ गए और गुरुवार को उसी गम के बीच कांधला के मोहल्ला खेल से एक साथ दो जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई। कल तक जो गलियां दो युवकों की आवाजाही से आबाद थीं, आज उन्हीं गलियों से उनके जनाजे निकलते देख हर किसी का दिल भर आया। बुढ़ाना क्षेत्र के गांव भसाना के पास रोडवेज बस की चपेट में आने से मोहल्ला खेल निवासी साजिद और इदरीश की मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो परिवारों में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार साजिद और इदरीश बुधवार को बाइक से मुजफ्फरनगर गए थे। दोनों अपना काम निपटाकर बाइक से वापस कांधला लौट रहे थे। इसी दौरान बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव भसाना के निकट उनकी बाइक सामने से आ रही रोडवेज बस की चपेट में आ गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे की खबर जैसे ही कांधला में उनके परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग दोनों परिवारों के घरों पर जमा होने लगे। परिजनों को भरोसा नहीं हो रहा था कि कुछ घंटे पहले घर से निकले साजिद और इदरीश अब कभी वापस नहीं लौटेंगे।

गुरुवार को घर पहुंचे शव तो फूट पड़ा परिजनों का कलेजा

बुधवार को हुए हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। गुरुवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद जैसे ही दोनों के शव मोहल्ला खेल स्थित घर पहुंचे, वहां चीख-पुकार मच गई। मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदार शवों से लिपटकर बिलख पड़े। गम का आलम ऐसा था कि हर तरफ सिसकियां सुनाई दे रही थीं।

दोनों परिवारों के लिए यह मंजर जिंदगी भर न भूल पाने वाला बन गया। जिन घरों में एक दिन पहले तक सामान्य माहौल था, वहां गुरुवार को मातम पसरा हुआ था। आसपास के लोगों ने भी परिजनों को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अपनों को खोने का दर्द इतना गहरा था कि हर किसी की आंख छलक उठी।

…….

 

*एक ही गली से एक साथ उठे दो जनाजे*

गुरुवार को जब साजिद और इदरीश के जनाजे घरों से निकले तो एक ही गली से एक साथ दो जनाजे उठने का मंजर देख पूरा मोहल्ला गम में डूब गया। सैकड़ों की संख्या में लोग जनाजे में शामिल हुए। हर कोई दोनों युवकों के लिए दुआ करता नजर आया। नम आंखों के साथ दोनों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

एक साथ दो युवकों की मौत से मोहल्ला खेल ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में दोनों का इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद दर्दनाक है।

चार छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का सायापरिजनों के मुताबिक मृतक साजिद ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था और परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा था। उसके चार छोटे बच्चे हैं। हादसे ने बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और अब कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद उनके सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।

वहीं इदरीश के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। उसकी मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। दोनों परिवारों पर एक साथ आई इस विपत्ति ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

……..

 

*परिवारों को आर्थिक मदद की मांग*

सभासद फारूक अंसारी ने कहा कि दोनों परिवार बेहद दुखद स्थिति से गुजर रहे हैं। साजिद के छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, जबकि इदरीश का परिवार भी आर्थिक रूप से कमजोर है। उन्होंने प्रशासन से दोनों पीड़ित परिवारों को हरसंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

बुधवार को सड़क हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं और गुरुवार को एक ही गली से उठे दो जनाजों ने पूरे मोहल्ले को रुला दिया। हादसे की तस्वीर और दोनों परिवारों का दर्द जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। अब पीड़ित परिवारों को प्रशासन से मदद की उम्मीद है, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।

error: Content is protected !!