
किसानों ने सुनाया दर्द, अखिलेश ने दिया भरोसा, सत्ता में आए तो समस्याओं का होगा समाधान
* गन्ने का दाम, महंगी बिजली और खाद की किल्लत पर उठे सवाल, अखिलेश बोले- विधानसभा में गूंजेगी किसानों की आवाज
सादिक सिद्दीक़ी
शामली/कांधला। किसानों की समस्याओं को लेकर जनपद शामली के भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। किसान नेताओं ने बढ़ते चीनी के भाव का हवाला देते हुए गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की मांग रखी। इसके साथ ही महंगी बिजली, उर्वरक की किल्लत और क्षेत्र की अन्य किसान समस्याओं से भी उन्हें अवगत कराया।
किसान नेताओं ने कहा कि बाजार में चीनी के भाव बढ़ रहे हैं, लेकिन किसान को उसकी मेहनत और गन्ने का उचित मूल्य दिलाने के सवाल पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। खेती की लागत लगातार बढ़ने, बिजली के बढ़ते खर्च और खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इन मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों की आय और राहत के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर किसान आज भी अपनी मूल समस्याओं को लेकर परेशान है। उन्होंने किसान नेताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने और उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
इस दौरान किसान नेता ब्रह्मपाल नाला ने भी भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि किसान खेत में पसीना बहाकर देश और प्रदेश का पेट भरता है, लेकिन अपनी ही फसल का उचित मूल्य और खेती के लिए जरूरी सुविधाओं के लिए उसे बार-बार आवाज उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे केवल चुनावी चर्चाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सरकार को धरातल पर किसानों को राहत देनी चाहिए।
मुलाकात के दौरान माहौल उस समय और राजनीतिक रंग में नजर आया, जब शिवपाल यादव और ब्रह्मपाल नाला ने वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की कामना करते हुए अखिलेश यादव को समर्थन का भरोसा दिलाया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन और आवाज उठाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन नेता हरेंद्र ताऊ, ब्रह्मपाल नाला समेत दर्जनों किसान नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। लखनऊ में हुई इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसानों के मुद्दों को लेकर बढ़ती सियासी हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है। गन्ने के दाम, बिजली और खाद जैसे मुद्दों पर किसान नेताओं की मुखरता ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में किसान समस्याएं राजनीतिक बहस का बड़ा मद्दा बन सकती हैं।