
थाने में गरमाया माहौल, पत्रकारों ने बैठाया धरना तो एसएसपी ने सिपाही को किया निलंबित
* 20 हजार की कथित मांग पर थाने में बवाल! पत्रकारों ने दिया धरना,
सादिक सिद्दीक़ी,
कांधला। थाना परिसर में देर रात उस समय माहौल गरमा गया, जब कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों और ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही के बीच कथित तौर पर नशे की हालत में तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि बाइक विवाद में समझौता कराने के नाम पर सिपाही ने 20 हजार रुपये की कथित मांग कर दी। पत्रकारों ने इसका विरोध किया तो मामला और बिगड़ गया। आरोप है कि सिपाही ने पत्रकारों के साथ अभद्रता की। देखते ही देखते मामला इतना तूल पकड़ गया कि पत्रकारों ने थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचते ही कार्रवाई हुई और एसएसपी ने आरोपी सिपाही नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बताया गया कि देर रात बाइक विवाद को लेकर दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। इसी मामले की कवरेज के लिए पत्रकार भी थाना परिसर में पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद सिपाही नरेश कुमार शराब के नशे में था और दोनों पक्षों में समझौते के नाम पर 20 हजार रुपये मांग रहा था। पत्रकारों ने जब कथित मांग और सिपाही के व्यवहार पर सवाल उठाया तो वह भड़क गया।
इसके बाद थाना परिसर में ही पत्रकारों और सिपाही के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि सिपाही ने पत्रकारों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। मामला बढ़ता देख पत्रकारों ने भी मोर्चा खोल दिया और थाने में धरना शुरू कर आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्रकारों का कहना था कि वे किसी पक्ष के समर्थन में नहीं, बल्कि घटना की कवरेज के लिए थाना पहुंचे थे। ऐसे में उनके साथ कथित अभद्रता को लेकर पत्रकारों में रोष फैल गया। धरने के दौरान पत्रकारों ने दो टूक कहा कि कलम और कैमरे को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर हरकत में आए अफसर
धरने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक बच्चू सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने पत्रकारों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और आरोपी सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। रिपोर्ट पहुंचते ही पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हुए और मामले में कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने सिपाही नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मेडिकल से पहले सिपाही के फरार होने का आरोप
मामले में पत्रकारों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाना प्रभारी की ओर से आरोपी सिपाही के मेडिकल परीक्षण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मेडिकल होने से पहले ही सिपाही थाना परिसर से निकलकर फरार हो गया। पत्रकारों ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा पूरे घटनाक्रम का राज!
थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे अब इस पूरे मामले में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि घटना के दौरान थाना परिसर में मौजूद कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फुटेज सामने आने के बाद विवाद की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
‘खबर दिखाएंगे, दबेंगे नहीं’—पत्रकारों का दो टूक संदेश
धरने पर बैठे पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार जनता और प्रशासन के बीच सेतु का काम करता है। कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार या उन्हें दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन पत्रकारिता की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
पत्रकारों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत हो तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन पत्रकारों को उनके काम से रोकना या उनके साथ कथित अभद्रता करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
थाना प्रभारी निरीक्षक बच्चू सिंह ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी सिपाही के संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। एसएसपी ने रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए सिपाही को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिपाही के निलंबन और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद पत्रकारों ने देर रात धरना समाप्त कर दिया। अब सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल परीक्षण और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।