मुशायरे में गूंजा कलाम, तालियों से हुआ स्वागत; पत्रकार,व थानाध्यक्ष व साहित्यकार सम्मानित

 

 

मुशायरे में शायरी का जलवा, अदब साहित्य सम्मान से चमके पत्रकार और साहित्यकार

 

पत्रकार सादिक सिद्दीक़ी को सम्मानित करते

मंच पर उतरे नामचीन शायर तो झूम उठा रोज गार्डन, देर रात तक बरसी तालियां , वीरेंद्र सिंह रहे मुख्य अतिथि

 

कांधला थानाध्यक्ष बच्चू सिंह को सम्मानित करते

सादिक सिद्दीक़ी

 

कांधला। रोज गार्डन (प्रगति स्कूल) में आयोजित भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में बुधवार की रात शायरी का ऐसा रंग जमा कि महफिल आधी रात के बाद भी फीकी नहीं पड़ी। रात नौ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम देखते ही देखते अदब की ऐसी महफिल में बदल गया, जहां हर शानदार कलाम पर तालियों की गड़गड़ाहट और वाह-वाह से माहौल गुलजार होता रहा। देशभर से पहुंचे नामचीन शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं को बांधे रखा और मुशायरा रात करीब तीन बजे तक चलता रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कांधला नगरपालिका अध्यक्ष हाजी नजमूल इस्लाम ने की, जबकि पूर्व मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह मुख्य अतिथि रहे। ऐलम नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्षा डॉ. दीपा पंवार ने शमा रोशन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कैराना नगरपालिका अध्यक्ष शमशाद अंसारी अति विशिष्ट अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथियों में चौधरी वकील जंग प्रधान, चौधरी बाबर जंग, अब्दुर्रहमान अंसारी, चौधरी जावेद जंग और रिजवान अंसारी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

मुशायरे के कन्वीनर मशहूर शायर डॉ. जुनेद अख़्तर की देखरेख में सजी महफिल में ख़ुर्शीद हैदर, नकहत अमरोही, राशिद राहत, इंतिख़ाब संभली, इमरान फ़ैज़, उस्मान उस्मानी, उमर अंसारी समेत देशभर से आए कवि-शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए।

 

ख़ुर्शीद हैदर के कलाम पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी, वहीं जुनेद अख़्तर ने भी अपने अंदाज से महफिल लूट ली। शायरों ने देशप्रेम, समाज, बदलते दौर और जिंदगी के विभिन्न रंगों को अपनी शायरी में पिरोकर श्रोताओं के सामने रखा। मंच से निकले हर शब्द के साथ महफिल का रंग और गहरा होता गया।

 

शायरी के साथ सम्मान की भी बजी तालियां

मुशायरे के दौरान साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को अदब साहित्य सम्मान से नवाजा गया। हाजी नजमूल इस्लाम, शमशाद अंसारी और डॉ. जुनेद अख़्तर द्वारा सम्मानित किए गए लोगों में कांधला थानाध्यक्ष बच्चू सिंह पत्रकार सादिक सिद्दीकी, निशात सिद्दीकी, मुशर्रफ हसन, नायाब सिद्दीकी, जितेंद्र तोमर, रिजवान अंसारी, आसिफ बेग तथा कैराना से उमर अंसारी आदि शामिल रहे।सम्मान समारोह के दौरान मंच से पत्रकारिता और साहित्य के योगदान की सराहना की गई। सम्मान पाने वालों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और इस दौरान भी जमकर तालियां बजीं।रात बढ़ती गई, शायरी का रंग चढ़ता गया और आखिरकार करीब तीन बजे मुशायरा अपनी कामयाबी के साथ संपन्न हुआ। कांधला की इस अदबी रात ने साहित्य प्रेमियों के बीच अपनी खास छाप छोड़ी। रोज गार्डन में देर रात तक गूंजती वाह-वाह इस बात की गवाह बनी कि कांधला की फिजा में आज भी शायरी और अदब के लिए जबरदस्त दीवानगी कायम है।

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