
त्योहार सिर पर, बाजार सूना! राखियों का ढेर लेकर ग्राहकों का इंतजार कर रहे दुकानदार
* राखियों से सजा कांधला का बाजार, ग्राहकों की बेरुखी से दुकानदारों के चेहरे पर छाई मायूसी
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। रक्षाबंधन पर्व को लेकर कांधला कस्बे के बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों की बहार नजर आने लगी है। दुकानों और फुटपाथों पर सजी आकर्षक राखियां राहगीरों का ध्यान खींच रही हैं। कहीं कार्टून वाली राखियां बच्चों को लुभा रही हैं तो कहीं मोती, रुद्राक्ष, चंदन, कलावा और फैंसी डिजाइन वाली राखियां युवाओं और महिलाओं की पसंद बनी हुई हैं। दुकानदारों ने त्योहार को लेकर कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं और बड़ी मात्रा में राखियों का स्टॉक मंगा लिया था, लेकिन अब तक बाजार में खरीदारी की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ने से दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।
कांधला के प्रमुख बाजारों में इस समय राखी की अस्थायी दुकानों से लेकर स्थायी दुकानों तक हर तरफ रंग-बिरंगी राखियां सजी दिखाई दे रही हैं। छोटी-बड़ी, साधारण से लेकर आकर्षक और डिजाइनर राखियों की लंबी रेंज दुकानों पर उपलब्ध है। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर और रंगीन लाइट वाली राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जबकि युवाओं के लिए फैंसी, मोती, रुद्राक्ष और चंदन वाली राखियों की मांग को देखते हुए दुकानदारों ने अलग-अलग डिजाइन सजाकर रखे हैं। कई दुकानदारों ने राखियों के साथ गिफ्ट पैक और अन्य उपहार सामग्री भी दुकान पर सजा रखी है।
राखी विक्रेता अमित ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना है और इसको लेकर उन्होंने काफी उम्मीद के साथ पहले ही पर्याप्त स्टॉक मंगा लिया था। हर साल त्योहार से कुछ दिन पहले बाजार में ग्राहकों की आवाजाही तेज हो जाती थी और लोग अपनी पसंद की राखियां खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचने लगते थे, लेकिन इस बार अभी तक स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। दुकानदारों के मुताबिक बाजार में ग्राहक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदारी की रफ्तार धीमी है। महंगाई और बदलते खरीदारी के तौर-तरीकों का असर भी कारोबार पर दिखाई दे रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि राखी का कारोबार पूरी तरह त्योहार के आखिरी दिनों की बिक्री पर निर्भर रहता है। रक्षाबंधन से एक-दो दिन पहले बाजार में अचानक भीड़ बढ़ जाती है और उस समय ग्राहक अपनी पसंद के साथ-साथ जल्दी में उपलब्ध राखियां भी खरीद लेते हैं। ऐसे में फिलहाल दुकानदारों की निगाह आने वाले दो दिनों पर टिकी हुई है।
व्यापारी संजीव कुमार के मुताबिक इस बार मौसम की स्थिति के साथ ऑनलाइन खरीदारी का असर भी स्थानीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। मोबाइल पर कुछ ही मिनट में राखियों की बड़ी रेंज देखने और घर बैठे ऑर्डर करने की सुविधा के कारण कई लोग ऑनलाइन राखियां खरीदकर सीधे अपने भाइयों या परिवार के सदस्यों के पास भेज रहे हैं। इसका असर स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है। पहले जहां त्योहार से पहले बाजारों में राखी खरीदने वालों की अच्छी-खासी भीड़ रहती थी, वहीं अब ऑनलाइन खरीदारी के कारण स्थानीय दुकानदारों को ग्राहकों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन बाजार में डिजाइन और कीमत की बड़ी रेंज उपलब्ध होने के कारण ग्राहकों के पास विकल्प भी बढ़ गए हैं। हालांकि स्थानीय बाजार की अपनी अलग चमक है। ग्राहक राखियों को सामने से देखकर उनकी गुणवत्ता और डिजाइन पसंद करने के बाद खरीद सकते हैं। इसी उम्मीद में दुकानदारों ने बाजार को आकर्षक तरीके से सजाया है।
रक्षाबंधन को लेकर बाजार में भाई-बहन के प्रेम और उत्साह की झलक भी दिखाई दे रही है। कई दुकानों पर राखियों के साथ छोटे गिफ्ट पैक, शुभकामना कार्ड और सजावटी सामग्री भी रखी गई है। दुकानदारों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे रक्षाबंधन का दिन करीब आएगा, बहनों की खरीदारी बढ़ेगी और बाजार में रौनक लौटेगी।
फिलहाल कांधला के बाजारों में राखियों की दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं, रंग-बिरंगी राखियां ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं, लेकिन दुकानदारों की नजरें ग्राहकों की भीड़ पर टिकी हैं। कारोबारी मान रहे हैं कि त्योहार से ठीक पहले बाजार में खरीदारी का माहौल तेज हो सकता है। अगर आखिरी दिनों में ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की तो राखी कारोबारियों की मायूसी दूर होगी और बाजार में एक बार फिर त्योहार की रौनक देखने को मिलेगी।