
भाई की कलाई पर राखी बांधने निकलीं बहनें, बस अड्डे पर घंटों फंसी भीड़
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को कांधला के दिल्ली बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां बस अड्डे पर पहुंचीं। यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। महिलाओं को बच्चों और सामान के साथ बसों के इंतजार में काफी देर तक खड़ा रहना पड़ा।
सुबह से ही बस अड्डे पर यात्रियों की आवाजाही तेज रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भीड़ भी बढ़ती चली गई। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों के घर राखी बांधने के लिए रवाना होने की जल्दी में थीं, लेकिन बसों में बढ़ती भीड़ ने उनकी परेशानी बढ़ा दी।
बस के पहुंचते ही यात्रियों में पहले चढ़ने और सीट पाने की होड़ मच गई। कई यात्री बस में जगह नहीं मिलने के कारण अगली बस का इंतजार करते नजर आए। भीड़ के चलते बस अड्डे पर काफी देर तक अफरा-तफरी और गहमागहमी का माहौल बना रहा।
महिलाओं का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर समय से घर पहुंचना जरूरी होता है, लेकिन बसों की कमी और यात्रियों की भारी भीड़ के कारण सफर मुश्किल हो गया। बच्चों और सामान के साथ बस का इंतजार करना पड़ा। बस आने के बाद भी भीड़ इतनी अधिक थी कि चढ़ने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रक्षाबंधन के मौके पर कांधला बस अड्डे पर उमड़ी भीड़ ने परिवहन व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया। यात्रियों ने परिवहन विभाग से त्योहार के दौरान अतिरिक्त बसें चलाने की मांग की, ताकि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घंटों बसों का इंतजार न करना पड़े और वे समय से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।