
नाले में फंसे गोवंश के लिए फरिश्ता बने समाजसेवी, सुरक्षित बाहर निकाला
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला कस्बे के मोहल्ले रायजादगान में घंटों चला रेस्क्यू अभियान, गहरे और गंदे नाले में फंसे गोवंश को सुरक्षित बाहर निकालकर लोगों ने ली राहत की सांस
कांधला। कस्बे के मोहल्ला रायजादगान में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक आवारा गोवंश अचानक गहरे और गंदे नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। नाले में गिरने के बाद गोवंश काफी देर तक बाहर निकलने के लिए जूझता रहा। घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी किरणपाल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि नाला काफी गहरा था और उसमें गंदा पानी भरा हुआ था। ऐसे हालात में घायल गोवंश को बाहर निकालना किसी चुनौती से कम नहीं था। बावजूद इसके किरणपाल और उनके साथियों ने हिम्मत नहीं हारी। रस्सियों की मदद से लोग नाले में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद घायल गोवंश को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे।
घंटों की मशक्कत के बाद मिली जिंदगी
गोवंश को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू टीम का सहयोग किया। नाले की संकरी जगह और गंदगी के बीच बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल रहा। कई प्रयासों के बाद गोवंश को बाहर निकाला गया। जैसे ही वह सुरक्षित बाहर आया, मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना है कि कस्बे में कई स्थानों पर खुले और गहरे नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। इन नालों के ऊपर सुरक्षा जाल नहीं होने के कारण आए दिन इंसानों और पशुओं के लिए खतरा बना रहता है।
खुले नालों पर मजबूत जाल लगाने की मांग
समाजसेवी किरणपाल ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि कस्बे में खुले और गहरे नालों को चिन्हित कर उनके ऊपर मजबूत लोहे के जाल लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि खुले नाले आवारा पशुओं के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।
उधर, नगर पालिका अध्यक्ष नजमुल इस्लाम ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारी को दे दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर खुले नालों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने समाजसेवी किरणपाल और उनकी टीम के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया जाता तो घायल गोवंश की जान खतरे में पड़ सकती थी। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि हादसे का इंतजार करने के बजाय खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पहले से दुरुस्त की जाए।