श्रीकृष्ण की लीलाओं से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, समापन पर गूंजे जयकारे

 

* भक्ति की अमृतवर्षा के साथ श्रीमद्भागवत कथा संपन्न, विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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सादिक सिद्दीकी |

 

कांधला/कैराना मार्ग स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में पिछले आठ दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के माहौल में भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत 15 जून को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई थी, जिसके बाद 16 जून से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे।

परम पूज्य ज्योतिषाचार्य महेश भारद्वाज जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, धर्म, कर्म और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का विस्तार से वर्णन किया। उनके प्रेरणादायक संदेशों ने श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

समापन दिवस पर आयोजित विशाल भंडारे में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे मंदिर परिसर में जयकारों और भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल बना रहा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और सेवाभाव से जुड़े कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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