
डिप्टी सीएम के दरबार पहुंची शिक्षकों की आवाज, एक माह की छुट्टी की मांग ने पकड़ा जोर
* भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का दर्द उपमुख्यमंत्री के दरबार पहुंची एक महीने की छुट्टी की मांग, मिला सकारात्मक आश्वासन
कांधला। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच जनगणना कार्य में जुटे शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने राहत की उम्मीद के साथ अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर जनगणना कार्य के बदले एक माह का अर्जित अथवा विशेष अवकाश दिए जाने की जोरदार मांग उठाई।
जिला संयोजक ब्रिजेश शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल लखनऊ स्थित उपमुख्यमंत्री आवास पहुंचा, जहां शिक्षकों पर बढ़ते कार्यभार और भीषण गर्मी में लगातार ड्यूटी करने से उत्पन्न हो रही परेशानियों को विस्तार से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा कर्मी अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं, ऐसे में उन्हें विशेष राहत मिलनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने तत्काल अपने निजी सचिव को संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों द्वारा निभाई जा रही अतिरिक्त जिम्मेदारी को देखते हुए उनकी मांग पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में फैसला लेकर उन्हें एक माह का अर्जित अथवा विशेष अवकाश प्रदान करेगी, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में किए गए अतिरिक्त कार्य का उचित सम्मान और राहत मिल सके।
इस अवसर पर बालकृष्ण शर्मा, सुदेश कुमार, कपिल कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।