
करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, 12 फुट सड़क तक पहुंचा मामला
* करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल? 12 फुट सड़क भी निगली, अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप
कांधला। कस्बे के मोहल्ला शेखजादगान में करोड़ों रुपये मूल्य की कथित सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी अक्षत जैन ने उपजिलाधिकारी कैराना को शिकायती पत्र देकर नगर पालिका अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी जमीन पर मार्केट निर्माण कराए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार नगर पालिका के कांजी हाउस की विवादित भूमि वर्षों से खाली पड़ी थी और पहले यहां नगर का कूड़ा डाला जाता था। उनका दावा है कि इस जमीन को लेकर पूर्व में न्यायालय में विवाद भी हो चुका है, जहां नगर पालिका ने स्वयं इसे अपनी सरकारी संपत्ति बताया था।
अक्षत जैन का आरोप है कि अब इसी भूमि पर कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर अवैध मार्केट का निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे नगर को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवादित भूमि के बराबर स्थित नगर पालिका की लगभग 12 फुट चौड़ी सड़क पर भी कब्जा कर रास्ता खोल दिया गया है। इससे भविष्य में आवागमन और स्वामित्व को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी भूमि पर चल रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल रुकवाने तथा दोषी व्यक्तियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
कथित सरकारी भूमि पर निर्माण और सड़क पर कब्जे के आरोपों ने नगर में हलचल मचा दी है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।