
पंजाबी धर्मशाला की रामलीला में संपाती भेंट और लंका दहन की लीला का हुआ भव्य मंचन
कांधला, संवाददाता
कांधला नगर केसरी सनातन धर्म मंदिर पंजाबी धर्मशाला में आयोजित श्रीरामलीला मंचन कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की आरती के पश्चात विभिन्न धार्मिक लीलाओं का सुंदर मंचन किया गया। इस दौरान माता सीता की खोज में निकले वानर दल की यात्रा, समुद्र तट पर संपाती से भेंट, हनुमान जी का समुद्र लांघकर लंका पहुंचना, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट और लंका दहन की लीला का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन के दौरान दिखाया गया कि माता सीता की खोज में निकले वानर दल को काफी प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलती है। समुद्र तट पर पहुंचने के बाद वानरों की भेंट संपाती से होती है। संपाती उन्हें जानकारी देता है कि माता सीता लंका में हैं। इसके बाद माता सीता का पता लगाने के लिए हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। वहां वह अशोक वाटिका में माता सीता को खोज लेते हैं और भगवान श्रीराम का संदेश देकर उन्हें धैर्य बंधाते हैं। इसके बाद हनुमान जी अशोक वाटिका में फल खाते हैं और वृक्षों को उखाड़कर तहस-नहस कर देते हैं। रावण के सैनिक उन्हें पकड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन हनुमान जी अपनी शक्ति से उनका सामना करते हैं। अंत में मेघनाद उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है। हनुमान जी उसी आग से पूरी लंका में हाहाकार मचा देते हैं और लंका दहन करने के बाद समुद्र पार कर वापस लौट आते हैं।
रामलीला मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम की भक्ति, हनुमान जी के अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और समर्पण का संदेश दिया गया। लीला के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।