
इलाज के भारी खर्च से मिले राहत! चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए कैशलेस सुविधा की मांग
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी मिले कैशलेस इलाज की सुविधा, शिक्षक संघ ने डिप्टी सीएम से लगाई गुहार
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दिलाने की मांग अब शासन तक पहुंच गई है। सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद शामली का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक ब्रिजेश शर्मा कांधला के नेतृत्व में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मिला और कर्मचारियों की समस्या को प्रमुखता से उठाया।प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों एवं भोजन माताओं को मिल रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। ऐसे में गंभीर बीमारी या अचानक उपचार की जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों और उनके परिवारों पर इलाज का भारी खर्च आर्थिक बोझ बन जाता है।शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और विद्यालयों की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कर्मचारियों को भी अन्य शिक्षा कर्मियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलना चाहिए, ताकि बीमारी के समय उन्हें इलाज के खर्च की चिंता न सताए।प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल कर उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाए।उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना और पात्र कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान आरपी शुक्ला, सत्यपाल सिंह, प्रमोद नैन, जमशेद जंग, कुलदीप कुमार, सुदेश कुमार, नदीश शर्मा और भूपेंद्र तोमर आदि मौजूद रहे।