
दहेज में कार की मांग के बीच सलोनी की मौत! पति, सास और ससुर पहुंचे सलाखों के पीछे
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। शादी के सात महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि दहेज में कार की मांग को लेकर उत्पीड़न के आरोपों के बीच 28 वर्षीय सलोनी की जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया। जिस पति के साथ सात फेरे लेकर उसने जिंदगी भर साथ निभाने के सपने देखे थे, उसी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। रविवार को मौत से कुछ समय पहले सलोनी ने अपने भाई को फोन कर बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन जब तक भाई परिजनों के साथ ससुराल पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सलोनी का शव कमरे में पंखे से फंदे पर लटका मिला। मामले में पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है

मुजफ्फरनगर जनपद के थाना भौराकलां क्षेत्र के गांव खेड़ी सुन्दियान निवासी हर्ष चौधरी ने बताया कि उसकी बहन सलोनी (28) की शादी इसी वर्ष 11 मार्च को कांधला कस्बे के कैराना रोड निवासी आशीष पुत्र सहदेव सिंह के साथ हुई थी। परिवार ने बेटी की शादी में करीब छह लाख रुपये नकद सहित पर्याप्त दान-दहेज दिया था। परिजनों का आरोप है कि इतना सब कुछ देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं। शादी के बाद से ही सलोनी पर दहेज में कार लाने का दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था।
15 दिन पहले पति के भरोसे पर लौटी थी ससुराल, फिर शुरू हुआ उत्पीड़न!
परिजनों के मुताबिक, ससुराल में लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान सलोनी कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। करीब 15 दिन पहले पति आशीष उसे यह भरोसा दिलाकर अपने साथ ले गया था कि अब दहेज की कोई मांग नहीं की जाएगी और उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। परिवार ने भी बेटी का घर बसने की उम्मीद में उसे पति के साथ भेज दिया। लेकिन आरोप है कि ससुराल पहुंचते ही एक बार फिर कार की मांग को लेकर सलोनी के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
*भैया, मुझे बचा लो! मौत से पहले आया फोन, ससुराल पहुंचा भाई तो फंदे पर लटकी मिली बहन*
रविवार की सुबह सलोनी ने अपने भाई हर्ष को फोन कर बचाने की गुहार लगाई। हर्ष के मुताबिक, फोन पर बहन के साथ मारपीट और गाली-गलौज की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। बहन की गुहार सुनकर हर्ष तत्काल परिजनों के साथ कांधला स्थित उसकी ससुराल के लिए रवाना हो गया।परिजन जब ससुराल पहुंचे तो सलोनी कमरे में पंखे से फंदे पर लटकी मिली। आनन-फानन में कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। जिस बहन को बचाने के लिए भाई घर से निकला था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति आशीष, ससुर सहदेव और सास मुनेश के खिलाफ अभियोग दर्ज किया।
दहेज उत्पीड़न के मामले में पुलिस का शिकंजा, पति समेत तीन चढ़े हत्थे
मंगलवार को कांधला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। वहीं, सलोनी की मौत ने दहेज जैसी सामाजिक कुरीति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शादी के चंद महीनों बाद ही बेटी की अर्थी उठने से मायके में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।