
ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला ने मोहा मन, भावविभोर हुए दर्शक
– श्री रामलीला कमेटी पंजाबी धर्मशाला में हुआ भगवान श्रीराम की लीलाओं का मनोहारी मंचन
कांधला,
कस्बे की पंजाबी धर्मशाला में श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान रविवार रात भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं रामभक्त मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती के साथ विधिवत रूप से किया गया। इसके पश्चात रात्रिकालीन लीला का मंचन शुरू हुआ। कथा के अनुसार, महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर अपने यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाने की अनुमति मांगते हैं। गुरु वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ दोनों राजकुमारों को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। वन में पहुंचकर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा करते हैं। इसी दौरान यज्ञ में विघ्न डालने वाली राक्षसी ताड़का सामने आती है। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ताड़का का वध कर देते हैं। इस दृश्य का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया, जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र मिथिला की ओर प्रस्थान करते हैं। मार्ग में भगवान श्रीराम अपने चरणों के स्पर्श से शापग्रस्त अहिल्या का उद्धार करते हैं। अहिल्या उद्धार की लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर सर्वेश वर्मा, ललित शर्मा, प्रशांत शर्मा, अजय, सूरज वर्मा, श्रेष्ठ कांत और प्रवीण कुमार सहित अन्य कलाकारों ने विभिन्न पात्रों का जीवंत अभिनय किया। आकर्षक मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और कलाकारों की संवाद अदायगी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रामलीला कमेटी की ओर से की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई।
परिचय- कांधला की पंजाबी धर्मशाला में रामलीला मंचन के दौरान ताड़का का अभिनय प्रस्तुत करता कलाकार।