
श्रीराम जन्म के जयकारों से गूंजा पंजाबी धर्मशाला, सीता जन्म की लीला ने मोहा मन
* रामलीला महोत्सव में भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म का भव्य मंचन, श्रद्धालु हुए भावविभोर
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला,नगर के मोहल्ला शेखजादगान स्थित पंजाबी धर्मशाला में श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शनिवार की रात्रि भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म की मनमोहक लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंग पर पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीहरि विष्णु की आरती के साथ किया गया। इसके बाद कलाकारों ने राम जन्म की लीला का मंचन करते हुए दर्शाया कि अयोध्या के राजा दशरथ के कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति की कामना से उन्होंने गुरु वशिष्ठ की सलाह पर पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के फलस्वरूप प्राप्त दिव्य खीर को राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को दिया। इसके बाद माता कौशल्या की गोद में भगवान श्रीराम, कैकेयी के यहां भरत तथा सुमित्रा के यहां लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत होते ही रामलीला स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। अयोध्या में जन्मोत्सव की खुशी और उल्लास को कलाकारों ने मंच पर जीवंत कर दिया। श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और पूरा वातावरण राममय हो गया।
इसके बाद माता सीता के प्राकट्य की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने दर्शाया कि मिथिला के राजा जनक यज्ञ के लिए भूमि जोत रहे थे, तभी उन्हें धरती से एक कन्या प्राप्त हुई। राजा जनक ने उस कन्या को अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया और उनका नाम सीता रखा। माता सीता के प्राकट्य की मनमोहक झांकी देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।रामलीला महोत्सव में धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम और माता सीता के जीवन से जुड़ी पौराणिक कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इस अवसर पर सर्वेश वर्मा, प्रशांत शर्मा, आकाश सैनी, कन्हैया सैनी, अनिल मित्तल, डॉ. जनेश्वर चौहान, भीम, डॉ. रणवीर सिंह सहित दर्जनों श्रद्धालु एवं नगरवासी मौजूद रहे। रामलीला कमेटी की ओर से बताया गया कि आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक लीलाओं का मंचन जारी रहेगा।