नगर पालिका कैराना की लचर व्यवस्था: अधूरी सड़कों की धूल से स्वास्थ्य और व्यापार दोनों प्रभावित।
सीओ कार्यालय के बराबर वाली सड़क में पानी का पाइप डाल कर अधूरी छोड़ी गई सड़क बनी धूल का जंजाल, नागरिक परेशान!

कैराना (शामली): नगर पालिका कैराना क्षेत्र में सड़कों, गलियों और आम रास्तों की लगातार बिगड़ती हालत से आम नागरिक भारी परेशानी झेल रहे हैं। विशेष रूप से सीओ कार्यालय के बराबर स्थित आम रास्ते पर वाटर पाइप डालने के बाद सड़क को लावारिस छोड़ देने से वहां धूल-गुबार का प्रकोप बढ़ गया है। राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि धूल घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सीओ कार्यालय के बराबर में आम रास्ते पर वाटर पाइप डलवाया गया, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत, सतहीकरण या स्थायी समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन, वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती रहती है और आसपास के घरों, दुकानों व दफ्तरों में धूल जमा होने लगी है।
दुकानदारों का कहना है कि दिनभर धूल से सामान, काउंटर और दुकान का सामान गंदा हो जाता है। ग्राहक भी धूल भरे रास्ते से गुजरने में हिचकते हैं, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। घरेलू महिलाओं और बच्चों के लिए भी खुले में बैठना या बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
लचर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल!
नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका कैराना के पास सड़क निर्माण, मरम्मत, सफाई और धूल नियंत्रण के लिए कोई स्पष्ट मास्टर प्लान या नियमित निगरानी व्यवस्था नहीं है। काम अक्सर टुकड़ों-टुकड़ों में और बिना योजना के किया जाता है। जिस सड़क पर एक बार पानी का पाइप डलवा दिया जाता है, उसके बाद उसकी देखरेख, मरम्मत और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होती।
कैराना क्षेत्र में सड़कों और नालियों की समस्या नई नहीं है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी कैराना के कई मोहल्लों में सड़क व नाली निर्माण न होने, जलभराव और कीचड़ से नागरिकों के परेशान रहने की बात सामने आई है। इससे सवाल उठता है कि नगर पालिका द्वारा किए जा रहे खर्च और दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर नागरिक सुविधाओं में सुधार क्यों नहीं दिख रहा है।
नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा!
धूल-गुबार केवल सफाई की समस्या नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन रहा है। लगातार धूल के संपर्क में रहने से आंखों में जलन, सांस की तकलीफ, एलर्जी, खांसी और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग, सांस के मरीज और सड़क किनारे काम करने वाले लोग अधिक प्रभावित होते हैं।
राहगीरों का कहना है कि धूल भरी सड़कों से गुजरते समय चेहरे, नाक और कपड़ों पर धूल जम जाती है। दोपहर और शाम के समय वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल की स्थिति और भी बदतर हो जाती है।
नागरिकों की मांग!
प्रभावित व पीड़ित नागरिकों और व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि—
- सीओ कार्यालय के पास स्थित सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी सतहीकरण किया जाए।
- पूरे नगर में सड़कों की स्थिति का सर्वे कराया जाए और प्राथमिकता आधारित मरम्मत योजना बनाई जाए।
- धूल रोकने के लिए नियमित पानी छिड़काव की व्यवस्था की जाए, लेकिन यह स्थायी समाधान का विकल्प न बने।
- सड़क निर्माण या मरम्मत के बाद गुणवत्ता जांच और जिम्मेदारी तय की जाए।
- नगर पालिका की लापरवाही की जिम्मेदारी तय करते हुए शासनिक स्तर पर संज्ञान लिया जाए।
- नागरिकों का कहना है कि जनकर और जनसुविधाओं के लिए जिम्मेदार नगर पालिका द्वारा ऐसी उदासीनता अस्वीकार्य है।
- उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करते हुए नगर पालिका प्रशासन पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
कैराना नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता व लचर व्यवस्था कोई नई व इत्तेफ़ाक नहीं है! नागरिक जमीनी हालात में बदलाव न होने से नाराज हैं।